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Showing posts from 2018

सुख, शांन्ति एवं समृध्दि की मंगलकामनाओं के साथ आपको सपरिवार विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं ॥

सुख, शांन्ति एवं समृध्दि की मंगलकामनाओं के साथ आपको सपरिवार विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं ॥ दशहरा यानी हर बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक| दशहरा यानी हर असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक | दशहरा यानी अज्ञान के अंधकार पर ज्ञान के प्रकाश का प्रतीक | आइए,आत्मावलोकन करें।जीवन की श्रेष्ठता और सफलता के लिए।  आदरणीय आपको दशहरे की हार्दिक शुभकामनाएं ।

(Post Stamps on 6th Historical Places 'Bavadi' of Rajasthan) राजस्थान की 6 ऎतिहासिक बावड़ियों पर डाक टिकटजारी

Post Stamps on 6th Historical Places 'Bavadi' of Rajasthan राजस्थान की 6 ऎतिहासिक बावड़ियों पर डाक टिकटजारी   राजस्थान की 6 ऎतिहासिक बावड़ियों पर डाक टिकटजारी  केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और केन्द्रीय संचार राज्य मंत्री श्री मनोज सिंन्हा ने 29 दिसंबर 2017 को नई दिल्ली के कोंस्टीटूशन क्लब में आयोजित एक समारोह में राजस्थान की छह ऎतिहासिक बावड़ियों सहित देश की 16 प्राचीन बावड़ियों पर डाक टिकिट जारी किए। इन बावड़ियों में नई दिल्ली की मशहूर अग्रसेन की बावड़ी पर भी प्रमुखता से डाक टिकिट जारी किया गया। राजस्थान की 6 ऎतिहासिक बावड़ियों पर डाक टिकट जारी  राजस्थान की बावड़ियों में निम्न शामिल हैं। 1. आभानेरी की प्रसिद्ध चांद बावड़ी 2. बूंदी की रानीजी की बावड़ी 3. बूंदी की नागर सागर कुंड 4. अलवर जिले की नीमराना बावड़ी 5. जोधपुर का तूर जी का झालरा 6. जयपुर की पन्ना मियाँ की बावड़ी

Literature of Rajasthan राजस्थान के साहित्य

Literature of Rajasthan राजस्थान के साहित्य  राजस्थान के साहित्य  हमीर महाकाव्य : नयनचंद्र सूरी द्वारा रचित इस महाकाव्य में रणथंभौर के चैहान शासकों विशेषकर राव हमीर देव चैहान की वीरता एवं उसका अलाउद्धीन खिलजी के साथ हुए युद्ध का वर्णन है। राजवल्लभ : महाराणा कुंभा के शिल्पी मंडन द्वारा रचित इस ग्रंथ में तात्कालिन समय की वास्तुकला व शिल्पकला का पता चलता है। एकलिंग महात्म्य : मेवाड़ के सिसोदिया वंश की वंशावलि बताने वाले इस ग्रंथ का रचयिता मेवाड़ महाराणा कुंभा का दरबारी ‘कान्हा व्यास’ माना जाता है। पृथ्वीराज विजय : 12 वीं सदी में जयानक द्वारा रचित इस ऐतिहासिक ग्रंथ में प्रमुख रूप से अजमेर के शासक पृथ्वीराज चौहान तृतीय के गुणों व पराक्रम का वर्णन है। सुर्जन चरित्र : कवि चंद्रशेखर द्वारा रचित इस ग्रंथ मं बूदी रियासत के शासक राव सुर्जन हाड़ा के चरित्र का वर्णन किया गया है। भट्टि काव्य : भट्टिकाव्य नामक इस ग्रंथ में 15वीं सदी के जैसलमेर राजा के सामाजिक व राजनीतिक जीवन का वर्णन है। राजविनोद : भट्ट सदाशिव द्वारा बीकानेर के राव कल्याणमल के समय रचित इस ग्रंथ में 16वीं शताब्दी के बीकानेर रा

भारत के प्रमुख दर्रे (Main points of india)

भारत के प्रमुख दर्रे (Main points of india) भारत के प्रमुख दर्रे ● पहाडियों एव पर्वतिय क्षेत्रों मे पाए जाने वाले आवागमन के प्राकृतिक मार्गों को दर्रा कहा जाता हैं। ● आम तौर पर दो पर्वतो के बिच जो रास्ता होता है उसे ही दर्रा कहते है । जम्मू कश्मीर में स्थित प्रमुख दर्रे जोजिला दर्रा बनिहाल दर्रा बुर्जिल दर्रा पीरपंजाल दर्रा काराकोरम दर्रा ● जोजिला दर्रे का निर्माण सिन्धु नदी द्वारा हुआ है। ● बनिहाल दर्रे से जम्मू से श्रीनगर जाने का मार्ग गुजरता है। जवाहर सुरंग इसी में स्थित है। ● बुर्जिल दर्रा श्रीनगर से गिलगित को जोडती है। ● लद्दाख क्षेत्र में स्थित काराकोरम दर्रा भारत का सबसे ऊँचा दर्रा 5624 मिटर है। यहाँ से चीन को जाने वाली एक सड़क बनाई गयी है। हिमाचल प्रदेश में स्थित प्रमुख दर्रे शिपकीला दर्रा बड़ालाचा दर्रा रोहतांग दर्रा ● शिपकिला दर्रा का निर्माण सतलज नदी से होता है जो शिमला से तिब्बत को जोड़ता है। उत्तराखण्ड में स्थित प्रमुख दर्रे माना दर्रा लीपूलेख दर्रा नीति दर्रा सिक्किम में स्थित प्रमुख दर्रे नाथूला दर्रा जेलेप्ला दर्रा ● जैलेप्ला का निर्माण तीस्त